Thursday, June 21, 2007

तुम..

तुम!!!!!
चुलबुली नटखट,
शोख, चंचल
अदाओं के जलवे बीखेरने वाली
किसी की जिन्दगी में उजाले लाने वाली
और,
किसी को अँधेरे में धकेलने वाली
तुम.....
ना जाने क्या-२ छुपा है तुममें,
राजनीती भी, मासूमियत भी
तुम.....
तुमको किस उपाधि से नवाजुं मैं????
बेवफा, धोखेबाज या एक दोस्त!!!!
शायद...
मेरे लिए सबसे दुखद घटना हो
तुम...
पर तुम ही तो जिसने मुझे सिखाया
नफरत करना
क्यूंकि मुहह्बत करना तो
सिखा ही नही सकती
तुम...

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